राष्ट्र का 80 वां स्वतंत्रता दिवस
राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखने का लिया सामूहिक संकल्प
कोटद्वार। देश की स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेरुड़ा जयहरीखाल में 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्ष, उल्लास एवं राष्ट्रीय भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
विद्यालय परिसर में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाध्यापक राजीव थपलियाल तथा विशिष्ट अथिति सुमित कुमार चौधरी द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। तिरंगा ऊँचा लहराते ही संपूर्ण वातावरण वंदे मातरम् और भारत माता की जय के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। तदुपरांत राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया।
विद्यालय के नौनिहालों कुमारी प्रियांशी, कुमारी काजल, कार्तिक भारद्वाज तथा कुमारी जिया द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत,नृत्य, भाषण एवं कविता पाठ अपनी मार्गदर्शक शिक्षिका ज्योति बौँठियाल के कुशल निर्देशन में प्रस्तुत किए गए। महिला प्रेरक समूह के सभी सम्मानित सदस्यों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां दी।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं,भोजन माता श्रीमती अनीता देवी तथा महिला प्रेरक समूह के सदस्यों ने अपनी ओजस्वी प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करते हुए समस्त उपस्थित जनों को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक राजीव थपलियाल ने कहा कि स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल उत्सव का प्रतीक नहीं, अपितु उन अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर है जिन्होंने "सरफरोशी की तमन्ना" को साकार किया।
इस अवसर पर ग्राम सभा मेरुड़ा के भूतपूर्व प्रधान एवं विद्यालय के संरक्षक दीनदयाल जदली, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, विद्यालय प्रबंधन समिति सदस्य सुषमा जखमोला, अनीता देवी, लक्ष्मी ध्यानी, सरोजनी देवी, शाकंबरी, आरती देवी, रेनू देवी जदली, सी.आर.पी. सुमित कुमार चौधरी सहित महिला प्रेरक समूह के समस्त सदस्य एवं विद्यार्थियों के अभिभावकगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी आगंतुकों एवं बच्चों में मिठाई का वितरण किया गया। इस अवसर पर राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
समापन पर समस्त विद्यालय परिवार ने एक स्वर में उद्घोष किया - स्वतंत्रता का यह पर्व हमें याद दिलाता है कि देश पहले है, और हम सब उसके बाद हैं।

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